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बेरोजगारों और छात्रों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़, नौकरी और कॉम्पिटिशन परीक्षा के लिए जरूरी कागजात बनाने भटक रहे विद्यार्थी

जगदलपुर. कोरोना संक्रमण की वजह से तहसील कार्यालय पिछले चार दिन से सील है और यहां सभी तरह का काम-काज पूरी तरह से प्रभावित है। ऐसे में जिंदगी भर पढ़ाई करने के बाद अब नौकरी और बेहतर इंस्टीट्यशन में कॉम्पीटिशन परीक्षा में भाग लेने के लिए निवास व अन्य जरूरी प्रमाण पत्र बनाने के लिए पिछले एक हफ्ते से शहर के कई युवा व उनका परिवार भटक रहा है। अब इन बच्चों व उनके परिवार वालों में यह भय घर करने लगा है कि प्रशासन की लापरवाही की वजह से कहीं उनके बच्चों का भविष्य तो खराब नहीं हो जाएगा। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन भी बच्चों के भविष्य को लेकर लापरवाह है। इस तरह की परीक्षाओं के सामने होने के बाद भी प्रशासन ने कोरोना संक्रमण को बहाना बनाते हुए कार्यालय सील करने के बाद छात्रों की राहत के लिए कोई छोटा सा काउंटर तक नहीं खोला गया है।

१२ सितंबर को नीट और १६ को है कैट का परीक्षा
एक दर्जन से अधिक केंद्रीय और परीक्षा व भर्ती इसी महीने होने वाली है। इसमें १२ सितंबर को नीट की परीक्षा है। वहीं १६ सितंबर को कैट के लिए फार्म भरने की अंतिम तिथी है। वहीं इसके अलावा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भर्ती समेत केंद्र और राज्य सरकार के कई परीक्षाएं शामिल हैं। वहीं आय प्रमाण पत्र तक तो च्वाइस सेंटर मिल जाता है। लेकिन ईडब्ल्यूएस, निवास प्रमाण पत्र समेत कई कागजात जल्दी बनाने के लिए तहसील कार्यालय जाने की आवश्यकता होती है।

यही स्थिति रही तो एसटी, एससी और ओबीसी से भरना पड़ेगा फार्म
बस्तर आदिवासी क्षेत्र होने के लिए इसका महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। पिछड़े क्षेत्र के आदिवासी छात्रों को यदि यही स्थिति रही तो इसका लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे में जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने से बस्तर के एसटी, एससी व ओबीसी छात्रों के सामने सामान्य सीट से फार्म भरने के अलावा कोई रास्ता नहीं रहेगा और वे अपने संवैधानिक अधिकारों से महरूम हो जाएंगे।

वर्सन

समस्या गंभीर है। मैं खुद इसके लिए सबंधित अधिकारी से बात करूंगा और समस्या को दूर करने के लिए जल्द व्यवस्था की जाएगी।

रजत बंसल, कलेक्टर, बस्तर

जानिये छात्रों की परेशानी उन्हीं की जुबानी

कैट की परीक्षा फार्म भरना है
कैट की परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि १६ सितंबर को है। ऐसे में अब कई जरूरी कागजात बनाने हैं। जिसके लिए तहसील कार्यालय आया था। लेकिन यहां तो कार्यालय पूरी तरह से बंद है। ऐसे में अब इस साल परीक्षा नहीं देने का डर लग रहा है। साल भर तैयारी की है तो भविष्य का भी डर सता रहा है।

सैय्यद रेहान खान

पुलिस थाना बंद हो सकता है क्या
परीक्षा के लिए फार्म भरना है। ऐसे में जरूरी है कि तहसील द्वारा जरूरी निवास, जाति व ईडब्ल्यूएस जैसे जरूरी प्रमाण बत्र बनाने हैं। लेकिन यह कार्यालय बंद है। इतने जरूरी कार्यालय को किसी भी स्थिति में कैसे बंद किया जा सकता है। जब पुलिस थाने को बंद नहीं किया जा सकता तो इसे कैसे बंद किया गया। विद्यार्थियों के लिए व्यवस्था करना चाहिए थे।

पियुष राय

तीन दिन से आ रहा हूं, अलग से एक काउंटर ही खोल देते
पिछले तीन दिन से यहां लगातार आ रहा हूं। लेकिन कार्यालय बंद ही मिल रहा है। किसी से पूछने के लिए कोई मौजूद भी नहीं है। कोरोना की वजह से कार्यालय बंद किया गया है। सभी विद्यार्थी समझते हैं। लेकिन छात्रों की मजदूरी भी उन्हें समझनी चाहिए। कम से कम एक काउंटर ही कुछ समय के लिए खोल देते। जिससे राहत मिल जाती।

शांतम शर्मा

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