भाभी और मां से 5 घंटे तक पूछताछ, चश्मदीद छोटू के बारे में सवाल-जवाब किए; पीड़िता के कुछ कपड़े साथ ले गई टीम

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शनिवार को 7वें दिन सीबीआई की टीम हाथरस केस की जांच के लिए पीड़िता के गांव बुलगढ़ी पहुंची। टीम ने पीड़िता की भाभी और मां से 5 घंटे तक पूछताछ की। चश्मदीद छोटू के बारे में सवाल-जवाब किए। लेकिन, उन्होंने साफ कहा कि वे उसे नहीं जानतीं। इससे पहले टीम एक बार फिर घटनास्थल पर भी पहुंची। इसके बाद टीम दो गाड़ियों से पीड़िता के घर पहुंची। जाते-जाते टीम अपने साथ पीड़िता के कुछ कपड़े ले गई है।

पीड़िता की भाभी ने बताया- टीम ने उनसे लड़की के बारे में पूछा। यही कि वह किस तरह की थी। उसका व्यवहार कैसा था। इसके अलावा किसी छोटू नाम के चश्मदीद के बारे में भी बातचीत की। हमें उसका फोटो दिखाया। लेकिन, हम उसे नहीं जानते। उसे इससे पहले कभी नहीं देखा।

पीड़िता के घर में खड़ीं सीबीआई टीम की महिला अधिकारी।

पिता और दोनों भाइयों से भी हो चुकी है पूछताछ
इससे पहले सीबीआई ने पीड़िता के पिता और दोनों भाइयों को बुलाकर 6 घंटे 40 मिनट तक पूछताछ की थी। इसके अगले दिन आरोपियों के यहां जाकर उनके परिजन से भी काफी देर तक टीम पूछताछ कर चुकी है। एक दिन पहले यानी शुक्रवार को छोटू नाम का चश्मदीद सामने आया। टीम उसे भी आज पूछताछ की है।

जिस खेत में लड़की मिली थी, वो छोटू का है
हाथरस केस में चश्मदीद होने का दावा करने वाले छोटू (20 साल) ने सीबीआई टीम को बताया है कि जिस खेत में लड़की मिली थी, वह उसका ही है। उसका कहना था कि घटना वाले दिन वह खेत में चारा काट रहा था, तभी चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनी। मौके पर पहुंचा तो लड़की खेत में पड़ी थी। उसका भाई और मां खड़े हुए थे।

दोनों महिलाओं से पांच घंटे तक चले सवाल जवाब के बाद टीम वापस लौट गई।

जानें पूरा मामला

हाथरस जिले के चंदपा इलाके के बुलगढ़ी गांव में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की दलित लड़की से गैंगरेप किया था। आरोपियों ने लड़की की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी थी। परिजन ने जीभ काटने का भी आरोप लगाया था। दिल्ली में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़िता की मौत हो गई थी। चारों आरोपी जेल में हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि लड़की के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ था।

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सीबीआई की टीम शनिवार को भी हाथरस जिले के बुलगढ़ी गांव पहुंची। पहले घटनास्थल का दौरा करने के बाद टीम पीड़िता के घर पहुंची थी।

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