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मुल्तानी मिट्टी से कम होता गर्मी का असर

नीम की पत्तियों का पाउडर, नींबू का रस, दही, मेथी पाउडर, गुलाबजल, हल्दी व शहद के साथ या अकेले भी मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग करते है। जानें इसके फायदे-

दूर होंगी घमौरियां

अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर का तापमान बढऩे से त्वचा पर छोटी-छोटी फुंसियां उभरने लगती हैं। थोड़े पानी या दूध में थोड़ी मुल्तानी मिट्टी के पाउडर को भिगोकर फुला लें। प्रभावित हिस्से पर सूखने तक पतले लेप के रूप में लगा लें। इससे घमौरियों में होने वाली जलन और खुजली नहीं होगी।

ताजगी का अहसास

धूप में निकलने से आधा घंटा पहले मुल्तानी मिट्टी का लेप चेहरे, हाथ, गर्दन और पैरों पर लगाकर धो लें। इससे गर्मी का असर कम होने के साथ तरोताजा महसूस करेंगी।

तैलीय त्वचा

कुछ लोगों को तैलीय त्वचा की समस्या होती है। ऐसे में धूप सामान्य से ज्यादा त्वचा पर असर करने लगती है। मुल्तानी मिट्टी त्वचा से अतिरिक्त तेल को सोखकर चमक बढ़ाने और ताजगी का काम करती है। एक कटोरी मुल्तानी मिट्टी के पाउडर में एक चम्मच खीरे का पेस्ट, कच्चा दूध और दो चम्मच बेसन मिलाकर पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं।

मुंहासे

कई बार धूप में ज्यादा रहने और प्रदूषण के संपर्क में आने से दाग-धब्बों की समस्या आम हो जाती है। इन मुंहासों को दूर करने के लिए मुल्तानी मिट्टी के पाउडर में नीम की पत्तियों का पाउडर या दही मिलाकर चेहरे पर १०-१५ मिनट के लिए लगाएं।

मजबूत होंगे बाल

बार-बार पसीना आने से बालों की चमक कम होती रहती है। मुल्तानी मिट्टी के पाउडर में दही, आंवला, रीठा व शिकाकाई पाउडर मिलाकर मिश्रण तैयार करें। इसे बालों पर शैम्पू की तरह लगाएं। एक घंटे के बाद धोने से बालों को पोषण और चमक मिलेगी। साथ ही ऑयली बालों की दिक्कत भी दूर होगी।

फोड़े-फुंसी में राहत

अक्सर चेहरे पर होने वाली फुंसियों व मस्सों को दूर करने के लिए मुल्तानी मिट्टी में गुलाबजल और नींबू के रस को मिलाकर तैयार पेस्ट चेहरे या प्रभावित हिस्से पर लगाएं। ऐसी फुंसी जिसमें दर्द हो और पकने में अधिक समय ले तो इस पेस्ट को दो बार लगाएं।

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